यमराज की वेशभूषा में कर रहे कोरोना वायरस के बचाव को लेकर जागरूक
हरिद्वार। कोरोना वायरस की इस जंग में जहाँ पुलिस प्रशासन सामाजिक संगठनों के सहयोग से कोरोना वायरस के बचाव के लिए जन जागरण किये हुए है वहीं भीमगोडा रामलीला का पात्र वरिष्ठ व्यापारी हरिमोहन वर्मा पुलिस प्रशासन व व्यापारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओ के सहयोग से हरिद्वार पंचपुरी और भगत सिंह चैक क्षेत्र में कोरोना वायरस के बचाव के लिए यमराज के वेशभूषा में कुछ अलग तरीके से जनता को कोरोना वायरस के बचाव के लिए जागरूक करने की इस जंग में एक सारथी की भांति प्रयास में लगा हुआ है।


पुरानी सब्जी मंडी चैक, बड़ा बाजार, हरकीपौडी, भल्ला रोड, कुशाघाट इत्यादि क्षेत्रो में 7 बजे से 1 बजे तक कि छूट अवधि के दौरान लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा, गोरक्षनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय त्रिवाल के संयुक्त संयोजन में इत्यादि क्षेत्रो में आम लोग जिनके मुह पर मास्क नही था जोकि सब्जी, फ्रूट व राशन की खरीदारी के लिए निकले थे उनको कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क लगाने व सैनिटाइजर व साबुन से हाथ धोने के उपाय के बारे में जागरूक किया।

वही इस अवसर पर यमराज का किरदार अदा कर आम जनता को कोरोना वायरस के बचाव के लिए जागरूक करते हरिमोहन वर्मा ने कहा जनता को कोरोना वायरस की इस महामारी से तभी छुटकारा मिल सकता है। जब लोग घरों में रहकर लॉकडाउन का ईमानदारी के साथ एक सच्चे देशभक्त योद्धा के रूप में शासन- प्रशासन द्वारा जागरूकता की इस मोहिम का ईमानदारी के साथ पालन करें। मैं पुलिस प्रशासन व सामाजिक कार्यकर्ताओ के सहयोग से कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूकता के इस अभियान में यमराजी पाठ्यक्रम के माध्यम से लोग मेरी जन भावनाओ को समझे और कोरोना से  बचाव के लिए जागरूकता ही एक विकल्प है।

इस अवसर पर लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा जिस प्रकार से उत्तराखंड राज्य में कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते जा रहे है वह शुभ संकेत नही है जबकि शासन- प्रशासन, सामाजिक संगठन युद्धस्तर पर अभियान चलाकर कोरोना के बचाव के लिए जागरूकता की इस मोहिम को आगे बढ़ा रहे है उसी के परिणाम स्वरूप भाई हरिमोहन वर्मा यमराज के पाठ्यक्रम को अपनाकर धर्मनगरी के प्रत्येक चैराहों पर जागरूकता की इस मोहिम में एक सारथी के बाती पूर्ण में लगे है भाई हरिमोहन वर्मा की इस कोरोना जंग की मोहिम को आगे बढ़ने के लिए बर्तक प्रयास इच्छाशक्ति के साथ जारी रहेंगे।